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PradhanMantri Yojana 2025 – किसानों के लिए पूरी गाइड!

प्रधानमंत्री  योजना 2025 – किसानों के लिए पूरी गाइड

PradhanMantri Yojana 2025 in hindi
PradhanMantri Yojana 2025 – किसानों के लिए पूरी गाइड!
Intro

इस पोस्ट में हम प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करेंगे

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

खेती हमारे देश की रीढ़ है, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि यह सबसे ज्यादा जोखिम वाला पेशा है। कभी बारिश ज्यादा हो जाती है, कभी सूखा पड़ जाता है, कभी फसल में रोग लग जाते हैं – ऐसे में किसान का साल भर का मेहनत और पैसा एक झटके में खत्म हो सकता है।

इसी समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY) की शुरुआत की थी, ताकि किसानों को फसल खराब होने पर आर्थिक सुरक्षा दी जा सके।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?

यह योजना 18 फरवरी 2016 को शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य है –

  • प्राकृतिक आपदा, कीट, रोग आदि से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा देना।

  • किसानों को खेती जारी रखने के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।

  • खेती को एक स्थिर और टिकाऊ पेशा बनाना।

सरकार किसानों से बहुत कम प्रीमियम लेती है और बाकी रकम सरकार (केंद्र और राज्य) मिलकर देती है।


PMFBY 2025 के मुख्य फीचर्स

फीचरडिटेल
लॉन्च डेट18 फरवरी 2016
लागू करने वाला मंत्रालयकृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
लाभार्थीदेश के सभी किसान
बीमा कवरप्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, कीट, रोग
प्रीमियम दरेंखरीफ फसल – 2%, रबी फसल – 1.5%, बागवानी फसल – 5%
क्लेम पेमेंटसीधा बैंक खाते में DBT के जरिए
आवेदन का तरीकाऑनलाइन और ऑफलाइन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य

  • किसानों को फसल नुकसान से आर्थिक झटका न लगे।

  • खेती के लिए कर्ज लेने की क्षमता बनी रहे।

  • किसान आधुनिक खेती अपनाने से न डरें।

  • खेती में स्थिर आय और सुरक्षा मिले।


PMFBY के फायदे

  1. कम प्रीमियम, ज्यादा कवर – किसान सिर्फ 1.5% से 5% तक प्रीमियम देता है, बाकी सरकार देती है।

  2. सभी तरह के नुकसान का कवर – प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, तूफान, कीट या रोग।

  3. सीधा बैंक खाते में भुगतान – मुआवजा सीधे किसान के बैंक अकाउंट में।

  4. सभी किसानों के लिए उपलब्ध – चाहे लघु किसान हो या बड़ा किसान।

  5. साल में दो बार कवर – खरीफ और रबी दोनों मौसम के लिए।


 PMFBY प्रीमियम दरें 2025

फसल का प्रकारकिसान का प्रीमियम (%)बाकी प्रीमियम सरकार देती है
खरीफ फसल2%केंद्र और राज्य सरकार
रबी फसल1.5%केंद्र और राज्य सरकार
वाणिज्यिक/बागवानी फसल5%केंद्र और राज्य सरकार

PMFBY कौन-कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता)

  • भारत का नागरिक होना चाहिए।

  • फसल खुद बोई होनी चाहिए (किराए पर ली गई जमीन पर भी मान्य)।

  • फसल बीमा सीजन के दौरान आवेदन करना जरूरी।

  • खरीफ या रबी सीजन में बीमा लेना होगा।


PMFBY कौन-कौन सी फसलें कवर होती हैं?

  • खरीफ फसलें: धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, मूंग, उड़द

  • रबी फसलें: गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों

  • बागवानी फसलें: केला, आम, संतरा, आलू, टमाटर, प्याज आदि


PMFBY योजना के तहत कवर होने वाले नुकसान

  1. Pre-sowing loss – बुआई से पहले मौसम की मार।

  2. Standing crop loss – फसल खड़ी होने के दौरान नुकसान।

  3. Post-harvest loss – कटाई के बाद परिवहन या भंडारण के समय नुकसान

  4. Localized calamities – ओलावृष्टि, तूफान, बिजली गिरना।


PMFBY 2025 आवेदन की प्रक्रिया (ऑनलाइन)

  1. PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – https://pmfby.gov.in

  2. फार्मर रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें।

  3. नाम, आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल भरें।

  4. फसल और जमीन की जानकारी दें।

  5. प्रीमियम ऑनलाइन जमा करें।

  6. आवेदन सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।


ऑफलाइन आवेदन

  • अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाएं।

  • आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागज, फसल की डिटेल दें।

  • CSC ऑपरेटर आपके लिए फॉर्म भर देगा।

  • रसीद अपने पास रखें।


PMFBY 2025 जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • जमीन के कागजात

  • फसल की डिटेल

  • पासपोर्ट साइज फोटो


PMFBY 2025 क्लेम कैसे करें?

  1. फसल खराब होने पर तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारी को सूचित करें।

  2. निर्धारित समय में आवेदन करें।

  3. बीमा कंपनी और सरकारी टीम द्वारा सर्वे होगा।

  4. क्लेम की रकम आपके बैंक अकाउंट में जाएगी।


महत्वपूर्ण बातें

  • आवेदन समय सीमा का ध्यान रखें।

  • सही जानकारी दें, वरना क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

  • बैंक खाते में आधार लिंक होना जरूरी है।

pm yojana की कड़ी में अगली योजना 

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना



घर – यह सिर्फ चार दीवारों और छत का नाम नहीं, बल्कि हमारे सपनों और सुरक्षा का प्रतीक है। लेकिन आज भी भारत के कई ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास पक्का घर नहीं है। बरसात में छत टपकना, सर्दी में ठंडी हवा घुसना और गर्मियों में तपती धूप सहना – यह सब रोज़मर्रा की हकीकत है।

इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (Pradhan Mantri Awaas Yojana – Gramin) की शुरुआत की। इसका मकसद है कि हर ग्रामीण परिवार के पास एक पक्का, सुरक्षित और सुविधाजनक घर हो।


प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) क्या है?

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से जानी जाती थी, जिसे 2016 में नया रूप देकर PMAY-G नाम दिया गया।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है –

  • ग्रामीण गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना।

  • घर में बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं देना।

  • “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को 2024-25 तक पूरा करना।


PMAY-G 2025 के मुख्य फीचर्स

फीचरडिटेल
लॉन्च1 अप्रैल 2016
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
लाभार्थीग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवार
लक्ष्यहर परिवार को पक्का घर
अनुदान राशिमैदानी क्षेत्र – ₹1.20 लाख, पहाड़ी/कठिन क्षेत्र – ₹1.30 लाख
अतिरिक्त सुविधामनरेगा के तहत मजदूरी, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, सौभाग्य योजना से बिजली
भुगतानसीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
घरों का निर्माण समय12 महीने के भीतर

PMAY-G का उद्देश्य

  1. हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित घर देना।

  2. कच्चे घर खत्म करना और पक्का घर बनवाना।

  3. गरीबों की जीवन गुणवत्ता सुधारना

  4. रोजगार के अवसर बढ़ाना (घर बनाने में मजदूर, मिस्त्री, सामग्री की मांग बढ़ती है)।


प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के फायदे

  1. पक्का घर का सपना पूरा – जो लोग सालों से कच्चे घर में रह रहे थे, उन्हें पक्का घर मिलता है।

  2. बुनियादी सुविधाएं – बिजली, पानी, शौचालय, रसोई गैस।

  3. सरकारी सहायता राशि – ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक।

  4. सीधा बैंक खाते में पैसा – भ्रष्टाचार कम होता है।

  5. रोजगार का मौका – घर बनाने में स्थानीय मजदूरों को काम मिलता है।

  6. गरीबी घटाने में मदद – स्थायी आवास से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर सकारात्मक असर।


अनुदान राशि और भुगतान प्रक्रिया

क्षेत्रराशि
मैदानी क्षेत्र₹1.20 लाख
पहाड़ी/कठिन क्षेत्र₹1.30 लाख
  • राशि किस्तों में दी जाती है।

  • निर्माण की प्रगति के अनुसार DBT के जरिए सीधा बैंक खाते में भेजी जाती है।


PMAY-G 2025 पात्रता (Eligibility Criteria)

  • ग्रामीण क्षेत्र में रहना चाहिए।

  • परिवार के पास पक्का घर न हो।

  • SECC 2011 की सूची में नाम या गरीबी रेखा से नीचे (BPL) सूची में नाम होना चाहिए।

  • अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक, महिला मुखिया परिवार को प्राथमिकता।


PMAY-G में नाम कैसे जुड़ता है?

आपको खुद आवेदन करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सरकार SECC 2011 डेटा और ग्राम सभा की मंजूरी से पात्र लोगों की सूची बनाती है।


PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर सूची पाई जा सकती है।


PMAY-G 2025 आवेदन की प्रक्रिया (ऑनलाइन)

अगर आपका नाम सूची में है, तो आगे की प्रक्रिया इस तरह है –

  1. PMAY-G वेबसाइट पर जाएं – https://pmayg.nic.in

  2. “Data Entry” सेक्शन में जाएं।

  3. अपने राज्य और जिले का चयन करें।

  4. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

  5. बैंक डिटेल भरें।

  6. आवेदन सबमिट करें।


ऑफलाइन प्रक्रिया

  • अपने गांव के ग्राम सचिव या पंचायत प्रधान से संपर्क करें।

  • आवश्यक दस्तावेज दें।

  • ग्राम सभा से मंजूरी के बाद आपका नाम लिस्ट में जुड़ जाएगा।


PMAY-G 2025 जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • राशन कार्ड

  • SECC 2011 में नाम का प्रमाण

  • पासपोर्ट साइज फोटो


PMAY-G के तहत घर की सुविधाएं

  • पक्की दीवारें और छत

  • रसोईघर

  • शौचालय

  • बिजली कनेक्शन (सौभाग्य योजना)

  • गैस कनेक्शन (उज्ज्वला योजना)

  • स्वच्छ पानी की सुविधा


निगरानी और पारदर्शिता

  • हर घर को Geo-tagging किया जाता है।

  • फोटो और लोकेशन को ऑनलाइन अपडेट किया जाता है।

  • इससे फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार कम होता है।


2025 में PMAY-G की प्रगति

  • लाखों ग्रामीण परिवारों को पक्का घर मिल चुका है।

  • कई राज्यों ने 100% टारगेट पूरा करने का दावा किया है।

  • सरकार अब स्मार्ट हाउसिंग और सोलर पावर जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है।

कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025


कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025
pm kisan yojana


खेती अब सिर्फ बैल और हल पर निर्भर नहीं रही। आज के समय में खेती में आधुनिक कृषि यंत्र (Agricultural Machinery) का इस्तेमाल जरूरी हो गया है – ताकि कम मेहनत में ज्यादा और बेहतर उत्पादन हो सके। लेकिन बड़ी समस्या ये है कि इन मशीनों की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि छोटे और मध्यम किसान इन्हें खरीद नहीं पाते।

यहीं पर सरकार की "कृषि यंत्र सब्सिडी योजना" किसानों की मदद करती है। इसके तहत किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, थ्रेशर आदि मशीनें सरकारी सब्सिडी (50% से 80% तक) पर उपलब्ध कराई जाती हैं।


1. कृषि यंत्र सब्सिडी योजना क्या है?

यह एक सरकारी योजना है जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक मदद देती हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य –

  • खेती में मशीनों का उपयोग बढ़ाना

  • किसानों का समय और मेहनत बचाना

  • उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाना

  • आधुनिक खेती तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाना


2. कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025 की मुख्य बातें

विशेषताजानकारी
योजना का नामकृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025
लाभार्थीदेश के सभी किसान
सब्सिडी प्रतिशत40% से 80% तक (राज्य अनुसार)
लागू करने वाला विभागकृषि एवं किसान कल्याण विभाग
आवेदन माध्यमऑनलाइन और ऑफलाइन
आधिकारिक पोर्टलराज्य का कृषि विभाग पोर्टल

3. किन-किन कृषि यंत्रों पर सब्सिडी मिलती है?

सरकार विभिन्न श्रेणियों में मशीनों पर सब्सिडी देती है, जैसे –

(A) मृदा तैयारी (Soil Preparation) के यंत्र

  • ट्रैक्टर

  • पावर टिलर

  • रोटावेटर

  • कल्टीवेटर

(B) बुवाई और रोपाई (Sowing & Planting) के यंत्र

  • सीड ड्रिल

  • पेडी ट्रांसप्लांटर

  • प्लांटर मशीन

(C) सिंचाई उपकरण (Irrigation Equipment)

  • सोलर पंप सेट

  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम

  • स्प्रिंकलर

(D) फसल कटाई और गहाई (Harvesting & Threshing) के यंत्र

  • हार्वेस्टर

  • रीपर

  • थ्रेशर मशीन

(E) भंडारण और प्रोसेसिंग (Storage & Processing) के यंत्र

  • कोल्ड स्टोरेज यूनिट

  • ग्रेडिंग मशीन

  • पैकिंग मशीन


4. सब्सिडी प्रतिशत – कौन कितना लाभ ले सकता है?

किसान की श्रेणीसब्सिडी प्रतिशत
सामान्य किसान40% से 50%
अनुसूचित जाति/जनजाति किसान50% से 80%
महिला किसान50% से 80%
सीमांत और छोटे किसान50% से 80%

5. पात्रता (Eligibility)

  • आवेदक भारत का नागरिक हो।

  • उसके पास खेती योग्य जमीन हो (जमीन का दस्तावेज जरूरी)।

  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान किसी एक मशीन पर ही सब्सिडी ले सकता है।

  • किसान पहले से उस मशीन पर सब्सिडी न ले चुका हो।


6. जरूरी दस्तावेज (Required Documents)

  • आधार कार्ड

  • जमीन का खतौनी/दस्तावेज

  • बैंक पासबुक की कॉपी

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)

  • मोबाइल नंबर


7. कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2025 में आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन प्रक्रिया

  1. राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

  2. “कृषि यंत्र सब्सिडी योजना” या “फार्म मशीनरी सब्सिडी” सेक्शन चुनें।

  3. रजिस्ट्रेशन करें – आधार नंबर, मोबाइल OTP से वेरिफिकेशन।

  4. ऑनलाइन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

  5. आवेदन सबमिट करें और Acknowledgement Slip डाउनलोड करें।

ऑफलाइन प्रक्रिया

  1. अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) जाएं।

  2. फॉर्म प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें।

  3. विभाग आपके आवेदन की जांच करेगा और स्वीकृति के बाद सब्सिडी जारी की जाएगी।


8. लाभ (Benefits)

  • कृषि उत्पादकता में वृद्धि

  • मेहनत और समय की बचत

  • खेत की लागत में कमी

  • कम समय में ज्यादा क्षेत्र की खेती संभव

  • मौसम के अनुसार फसल तैयार करने की क्षमता


9. योजना से जुड़े कुछ जरूरी सुझाव

  • आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट हों।

  • मशीन खरीदने से पहले सब्सिडी स्वीकृति पत्र प्राप्त करें।

  • मशीन केवल मान्यता प्राप्त डीलर से ही खरीदें।

  • सब्सिडी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।


10. 2025 में नए अपडेट

  • अब कई राज्यों में आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप से हो रहा है।

  • ड्रोन, सोलर पंप और ऑटोमैटिक हार्वेस्टिंग मशीनों को भी सब्सिडी सूची में जोड़ा गया है।

  • DBT (Direct Benefit Transfer) द्वारा सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा।


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या हर किसान इस योजना का लाभ ले सकता है?

हाँ, लेकिन शर्त यह है कि उसके पास खेती योग्य जमीन हो और वह पहले से उसी मशीन पर सब्सिडी न ले चुका हो।

Q2. सब्सिडी कितनी मिलती है?

आमतौर पर 40% से 80% तक, यह राज्य और किसान की श्रेणी पर निर्भर करता है।

Q3. आवेदन के बाद सब्सिडी मिलने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर 30 से 60 दिन के भीतर सब्सिडी आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है।

Q4. क्या मशीन खरीदने के बाद सब्सिडी मिल सकती है?

नहीं, पहले आवेदन करना और स्वीकृति पत्र लेना जरूरी है।

Q5. क्या महिलाएं और SC/ST किसान ज्यादा सब्सिडी पा सकते हैं?

हाँ, उन्हें 80% तक सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

Q6. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रीमियम कितना है?

A: खरीफ में 2%, रबी में 1.5% और बागवानी फसल में 5%।


Q7. क्या सभी किसानों को यह योजना मिलेगी?

A: हाँ, चाहे छोटा किसान हो या बड़ा, सभी के लिए है।


Q8. क्लेम मिलने में कितना समय लगता है?

A: सर्वे के 15 से 30 दिनों में भुगतान सीधे बैंक खाते में आता है।


Q9. क्या किराए पर जमीन लेने वाले किसान भी योजना का लाभ ले सकते हैं?

A: हाँ, अगर वह फसल खुद बोते हैं तो।


Q10. क्या योजना में सभी प्राकृतिक आपदाएं कवर होती हैं?

A: हाँ, सूखा, बाढ़, ओले, तूफान, बिजली गिरना, कीट और रोग सभी कवर हैं।

Q11. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में कितनी राशि मिलती है?

A: मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख।

Q12. क्या मैं खुद आवेदन कर सकता हूँ?

A:योजना में नाम SECC 2011 डेटा और ग्राम सभा की मंजूरी से जुड़ा हुआ है, इसलिए सीधे आवेदन की आवश्यकता नहीं है।

Q13. क्या इस योजना में शौचालय भी बनवाया जाता है?

A: हाँ, घर के साथ शौचालय भी दिया जाता है।

Q14. पैसा कैसे मिलता है?

A: किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए।

Q15. क्या कच्चे घर में रह रहे सभी लोगों को यह योजना मिलती है?

A: हाँ, अगर वे पात्रता मानकों को पूरा करते हैं।


निष्कर्ष

PradhanMantri Yojana 2025 किसानों के लिए खेती को आसान, तेज और लाभदायक बनाने का एक बेहतरीन अवसर है। अगर आप किसान हैं और खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग करना चाहते हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर लें। सही समय पर सही मशीन न सिर्फ आपकी मेहनत बचाएगी, बल्कि उत्पादन और मुनाफा भी बढ़ाएगी।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) 2025 का लक्ष्य ग्रामीण भारत है। यह सिर्फ एक घर बनाने की योजना नहीं है; यह एक जीवन बदलने का प्रयास है। पक्का घर मिलने से लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान सब बढ़ते हैं।

अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और अभी भी कच्चे घर में रह रहे हैं, तो इस योजना की जानकारी जरूर लें। क्योंकि अपने सपनों का घर पाना अब कोई मुश्किल बात नहीं रही – सरकार ने आपके लिए दरवाजे खोल दिए हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है। यह योजना न केवल फसल खराब होने पर आर्थिक मदद देती है, बल्कि किसानों को खेती में जोखिम लेने का हौसला भी देती है।

2025 में भी यह योजना किसानों को कम प्रीमियम में ज्यादा सुरक्षा देने के लिए सक्रिय है। अगर आप खेती करते हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं – क्योंकि खेती में मेहनत तो जरूरी है, लेकिन सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

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