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Neeraj Gupta Engineering student

Neeraj Gupta

 

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PGS Certificate In Organic Farming/ क्या PGS सर्टिफिकेट से मैं अपना उत्पाद "Organic" कह सकता हूँ?

 क्या PGS सर्टिफिकेट से मैं अपना उत्पाद "Organic" कह सकता हूँ? क्या PGS India सर्टिफिकेट लेने के बाद हम अपने उत्पाद को "Organic" कह सकते है ? जानिए PGS certification की मान्यता, सीमा, लाभ और इससे जुड़े नियम इस लेख में। 🌿 भूमिका: जैविक खेती की बढ़ती पहचान भारत में जैविक खेती यानी Organic Farming की मांग लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ता अब रसायनों से मुक्त, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में किसान भी अपने उत्पादों को “Organic” टैग देना चाहते हैं ताकि उन्हें बाज़ार में बेहतर कीमत मिल सके। लेकिन क्या केवल PGS Certification मिलने पर आप अपने उत्पाद को “Organic” कह सकते हैं? क्या कानून इसकी अनुमति देता है? क्या यह Export में मान्य होता है? आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं। 🧾 PGS India Certification क्या है? PGS (Participatory Guarantee System) एक सरकारी योजना है जो छोटे और मध्यम किसानों को कम लागत में जैविक सर्टिफिकेशन देने के लिए शुरू की गई थी। यह भारत सरकार की National Centre for Organic Farming (NCOF) द्वारा संचालित होती है। 📌 मुख्य विश...

Use of AI and Technology in Organic Farming: Smart Farming of the Future/जैविक खेती में AI और टेक्नोलॉजी का उपयोग: भविष्य की स्मार्ट खेती

Use of AI and Technology in Organic Farming: Smart Farming of the Future आज के डिजिटल युग में  AI and Technology In Organic Farming इसे और बेहतर बनाने के लिए AI और टेक्नोलॉजी की मदद ली जा रही है। 🔰 परिचय (Introduction) जैविक खेती सदियों पुरानी पद्धति है, लेकिन आज के डिजिटल युग में इसे और बेहतर बनाने के लिए AI और टेक्नोलॉजी की मदद ली जा रही है। आधुनिक टेक्नोलॉजी खेती को ज्यादा उत्पादक, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल बना रही है। इस लेख में हम जानेंगे कि जैविक खेती में किस प्रकार टेक्नोलॉजी और AI का प्रयोग हो रहा है और इससे किसानों को क्या फायदे हो सकते हैं। 🌾 AI और टेक्नोलॉजी से कैसे बदल रही है जैविक खेती? 1. ✅ स्मार्ट सेंसर्स और सॉइल मॉनिटरिंग अब खेतों में लगाए जा रहे हैं सेंसर्स जो मिट्टी की नमी, तापमान, पीएच लेवल और पोषण तत्वों की जानकारी देते हैं। इससे किसान को सही समय पर खाद या पानी देने में मदद मिलती है। 2. ✅ ड्रोन की मदद से खेतों की निगरानी ड्रोन से खेत की उपजाऊता, कीटों की पहचान और फसल की हालत का अवलोकन किया जाता है। इससे किसान बिना खेत में जाए, हवा से पूरी जानकारी प्र...

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